---Advertisement---

Other Current Financial Assets क्या होते हैं? पूरी जानकारी हिंदी में

On: August 3, 2025 9:13 AM
Follow Us:
Other Current Financial Assets क्या होते हैं? पूरी जानकारी हिंदी में
---Advertisement---

व्यापार और निवेश की दुनिया में, किसी कंपनी की वित्तीय स्थिति को समझने के लिए उसकी बैलेंस शीट पढ़ना बेहद ज़रूरी है। बैलेंस शीट विभिन्न प्रकार की परिसंपत्तियों और देनदारियों का विवरण देती है। इन परिसंपत्तियों में एक महत्वपूर्ण श्रेणी “अन्य चालू वित्तीय परिसंपत्तियाँ” है – जो अक्सर निवेशकों और वित्तीय विश्लेषकों का ध्यान आकर्षित करती है।

लेकिन अन्य चालू वित्तीय परिसंपत्तियाँ वास्तव में क्या हैं? यह कंपनी की तरलता को कैसे प्रभावित करती हैं? और अन्य चालू वित्तीय परिसंपत्तियाँ क्या हैं?

आइए विस्तार से समझते हैं।

Other Current Financial Assets की परिभाषा

Other Current Financial Assets (अन्य चालू वित्तीय परिसंपत्तियाँ) वे वित्तीय संसाधन होते हैं जो

Other Current Financial Assets

            •  12 महीनों के अंदर नकद में बदले जा सकते हैं,

            •  कंपनी के व्यापार संचालन से सीधे संबंधित नहीं होते,

            •  और जो सामान्य Current Assets जैसे Trade Receivables, Cash & Cash Equivalents आदि से अलग होते हैं।

ये संपत्तियाँ अक्सर अस्थायी निवेश, डिपॉजिट, ब्याज प्राप्तियां, डेरिवेटिव इंस्ट्रूमेंट्स आदि के रूप में होती हैं।

Other Current Financial Assets में क्या-क्या आता है?

इस कैटेगरी में निम्नलिखित वित्तीय वस्तुएँ आ सकती हैं:

Interest Accrued But Not Due (ब्याज जो जमा हो चुका है पर अभी मिला नहीं)

ब्याज जो किसी निवेश या ऋण पर अर्जित हो चुका है लेकिन भुगतान की तिथि अभी नहीं आई है।

Current Investments (चालू निवेश)

कम अवधि वाले निवेश, जैसे कि म्यूचुअल फंड, बांड्स या फिक्स्ड डिपॉजिट जिनकी परिपक्वता एक साल से कम है।

Security Deposits (सुरक्षा जमा)

कमर्शियल लीज या सर्विस एग्रीमेंट के अंतर्गत दिए गए रिफंडेबल डिपॉजिट।

Derivative Assets (डेरिवेटिव परिसंपत्तियाँ)

फॉरवर्ड या ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स से उत्पन्न शेषधन जो कंपनी के पक्ष में है।

Advances Recoverable in Cash

ऐसे एडवांस जो नकद में वापसी योग्य हैं, जैसे कि कर्मचारियों को दिए गए एडवांस या अन्य एडवांस जो व्यापार से सीधे नहीं जुड़े।

Unbilled Revenue

सर्विस पूरी हो गई है लेकिन अभी तक बिल नहीं बनाया गया है — खासकर IT या Consultancy कंपनियों में।

Accounting Standard और नियम

भारत में Accounting Standards (Ind AS) और Schedule III of Companies Act 2013 के अनुसार:
• Current Financial Assets को स्पष्ट रूप से वर्गीकृत करना अनिवार्य है।
• Other श्रेणी में वही आइटम्स रखे जाते हैं जो स्टैंडर्ड हेडिंग में फिट नहीं होते, लेकिन वे मौद्रिक रूप में परिवर्तनीय होते हैं और 12 महीनों में रियलाइज़ हो सकते हैं।

Balance Sheet में प्रस्तुति (Presentation in Balance Sheet)

कंपनियाँ Balance Sheet में Other Current Financial Assets को Current Assets सेक्शन के अंतर्गत अलग लाइन आइटम में दिखाती हैं, जैसे:

इन परिसंपत्तियों का महत्व

  1. Liquidity को बेहतर बनाना

इन संपत्तियों को जरूरत पड़ने पर जल्दी नकदी में बदला जा सकता है।

  1. Interest Income का स्रोत

कई Other Financial Assets पर ब्याज प्राप्त होता है जो कंपनी की आय को बढ़ाता है।

  1. Working Capital Management

कम अवधि की वित्तीय ज़रूरतों के लिए इन परिसंपत्तियों को इस्तेमाल किया जा सकता है।

  1. निवेशकों को भरोसा

अगर कंपनी के पास अच्छी मात्रा में Other Current Financial Assets हैं, तो निवेशकों को कंपनी की short-term strength पर भरोसा होता है।

निवेशकों के लिए विश्लेषण का तरीका

निवेशक इन स्टेप्स से Other Current Financial Assets को समझ सकते हैं
1. Balance Sheet के Notes को पढ़ना — जिससे यह स्पष्ट हो कि किन आइटम्स को Other Current Financial Assets में शामिल किया गया है।
2. Growth Tracking — पिछले सालों से तुलना करना कि क्या कंपनी लगातार इन संपत्तियों में वृद्धि कर रही है या गिरावट।
3. Liquidity Ratios में शामिल करना — जैसे Current Ratio या Quick Ratio निकालते समय इन संपत्तियों को ध्यान में रखना।

Other Current Financial Assets और Risk

लाभ:
• जल्दी नकद में बदलने योग्य
• शॉर्ट-टर्म गारंटीड रिटर्न
• कम रिस्क

जोखिम:
• कुछ डिपॉजिट्स या एडवांस recoverable नहीं भी हो सकते
• डेरिवेटिव्स में मार्केट रिस्क शामिल होता है
• Overstated हो सकते हैं अगर Revenue Recognition सही न हो

कंपनियों के कुछ उदाहरण (FY25 Annual Report से)
1. Infosys Ltd. – उनके पास ₹3,000 करोड़ के आसपास Other Current Financial Assets थे, जिनमें Unbilled Revenue और Interest Receivable प्रमुख थे।
2. Reliance Industries – Short-term mutual funds और accrued interest शामिल था ₹5,500 करोड़ तक।
3. TCS – ₹2,000 करोड़ के आसपास Unbilled Revenue Other Current Financial Assets के रूप में शामिल।

निष्कर्ष

Other Current Financial Assets एक महत्वपूर्ण संकेतक है जो यह दर्शाता है कि कंपनी के पास कितनी शॉर्ट-टर्म वित्तीय स्थिरता है। इन्हें समझना न केवल निवेशकों बल्कि वित्तीय विश्लेषकों, बैंकर्स, और यहां तक कि खुद कंपनी के मैनेजमेंट के लिए भी ज़रूरी होता है।

आप जब भी किसी कंपनी में निवेश करने जा रहे हों, तो सिर्फ उसके Net Profit या Revenue पर ध्यान न दें — उसकी बैलेंस शीट में Other Current Financial Assets का भी विश्लेषण करें। इससे आपको कंपनी की Liquidity और Short-term Financial Strength का स्पष्ट चित्र मिलेगा।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1: Other Current Financial Assets और Current Investments में क्या फर्क है?

Ans: Current Investments उसकी उप-श्रेणी है; Other Current Financial Assets में Interest receivable, Unbilled revenue, आदि भी आते हैं।

Q2: क्या ये संपत्तियाँ टैक्सेबल होती हैं?

Ans: हाँ, इनसे प्राप्त ब्याज आय या लाभ टैक्स के अंतर्गत आते हैं।

Q3: क्या इनका कैश फ्लो पर प्रभाव पड़ता है?

Ans: हाँ, ये Operating या Investing Cash Flows का हिस्सा बन सकती हैं।

Read More At :- FinanceNewTips.Com

financenewtips@gmail.com

नमस्कार दोस्तो नमस्कार दोस्तो मेरा नाम मनीष निनावे मैं एक पैशनेट फाइनेंस ब्लॉगर हू, जो निवेश, बचत और शेयर बाजार से जुड़ी आसान और उपयोगी जानकारियां हिंदी में साझा करता हूँ। मेरा लक्ष्य है लोगों को स्मार्ट और जागरूक निवेशक बनाना. 📧 संपर्क: Financenewtips@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Leave a Comment